मेरा संशोधन

सम्राट अशोक के शिलालेखों का अध्ययन करते हुए मैने इनके अर्थ पर अधिक गौर किया। आज तक जिन विद्वानों ने इन शिलालेखों के अर्थ बताएँ थे, उस में जहाँ कहीं मुझे अलग अर्थ महसूस हुवा, मैने उसे नये रुप में लिखा। यहीं मेरा सम्राट अशोक के शिलालेखों पर संशोधन रहा। लघु शिलालेखों में आने वाले २५६ इस संख्या से, मैं ने यह साबित किया की सम्राट अशोक के लघु शिलालेखों में तथागत बुद्ध का महापरिनिर्वाण वर्ष लिखा हुवा है। मैंने इसे योग्य तरह से संपादित किया। इस संशोधन को मैंने श्री श्री रवीशंकर विद्यापीठ, एपिग्राफिक सोसायटी ऑफ इंडिया, इंडियन सोसायटी ऑफ बुद्धिस्ट स्टडीज तथा इंस्टीट्युट ऑफ सोशियल सायन्स एण्ड मॅनेजमेंट स्टडीज के माध्यम से प्रकाशित किया। [इस संशोधन पर आधारीत “सम्राट अशोक के लघु शिलालेख” यह मेरा चलचित्र देखीये।]

तथागत बुद्ध के  महापरिनिर्वाण वर्ष का सही निर्धारण करने के पश्चात मैंने इसी के आधार पर बुद्ध महापरिनिर्वाण से शुरू होने वाली चान्द्र-सौर कालगणन प्रणाली का निर्माण करने की संकल्पना रखी। क्यों की तथागत बुद्ध अंधश्रद्धा के विरोधी थे, राशी तथा नक्षत्र आधार पर कुछ भी कहना, उन के लिये हीन विद्या थी, मैंने मेरी चान्द्र-सौर कालगणन प्रणाली राशी-नक्षत्र विहीन तत्वों पर संशोधित की। इस प्रणाली को मैंने “बोधि संवछर” यह नाम दिया।

बोधि संवछर प्रणाली आप विस्तार पूर्वक समझ सकते है – पढ़ीये मेरी पुस्तक …

बोधि संवछर

बोधि संवछर प्रणाली त्वरित समझने के लिये, मेरी बनाई चल-चित्र-माला देखिये …

बोधि संवछर चलचित्र

बोधि संवछर का संगणकिय प्रात्यक्षिक आप निम्न चित्र को क्लिक करके देख सकते है। यहाँ आपकी मनचाही ईसाई दिनांक लिख कर उस दिनांक की बोधि संवछर तिथी विस्तार में देख सकते है।

सौजन्य – आलोक मांडवगणे

इस महत्वपूर्ण संशोधन के अलावा मैने तथागत बुद्ध के महापरिनिर्वाण माह का निर्धारण करने वाला संशोधन किया है। यह संशोधन मेरी पुस्तक ….

तथागत बुद्ध का महापरिनिर्वाण में पढ़ सकते है।